सफर - राजीव रंजन प्रसाद

Saturday, September 13, 2014

एक अनकही कहानी है एर्राबोर

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सुकमा से कोण्टा की ओर आगे बढते हुए यह अहसास रह ही नहीं गया था कि कभी यहाँ से हो कर सड़क भी गुजरती रही होगी। बड़े बड़े गड्ढों में सडक तलाशते...
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Wednesday, June 25, 2014

दिल्ली युनिवर्सिटी, जेएनयू और हू-तूतू

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दिल्ली युनिवर्सिटी, जेएनयू और हू-तूतू ----------- एक नया समय सामने है। कोई आँटो चलाने वाले की लडकी चार्टर्ड एकाउंटेंसी की परीक्षा...
Wednesday, June 18, 2014

बस्तर, बंदूख और इन्द्रू केवट का रास्ता

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-2-  यह मुख्यधारा किस चिडिया का नाम है और कहाँ पायी जाती है? महानगरों को भी बहुत निकटता से देखा है जहाँ हमेशा रहने वाली बिजली, ज...
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Sunday, June 15, 2014

भोपालपट्टनम के विरासतों की नियति है नष्ट होना

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-2-  -3- भोपालपट्टनम के विरासतों की नियति है नष्ट होना। --------- भोपालपट्टनम का यह चहलपहल वाला क्षेत्र है। राजमहल ब...
Wednesday, June 11, 2014

हाँ भई!! राष्ट्रीय समस्या है दिल्ली की बिजली

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हाँ भई!! राष्ट्रीय समस्या है दिल्ली की बिजली  ----------  अभी बहुत दिन नहीं हुए, नक्सलियों ने विद्युत व्यवस्था ठप्प कर दी थी और ...
Tuesday, June 10, 2014

बस्तर - प्राचीन स्त्री राज्य की विरासत है।

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-2-  स्त्री नें हमेशा बराबरी और सम्मान की लडाई लडी है। भारत भर में एसे उदाहरण कम ही देखने को मिले हैं जहाँ उसने यह अधिकार पाया ह...
Monday, June 09, 2014

राजनीति में सनसनी की दुर्गति और सोनी सोरी

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- पिछले पेज से आगे -  आम आदमी पार्टी ने सनसनी की राजनीति का प्रसार करते हुए बस्तर में विवादित तथा बहुचर्चित सोनी सोरी को प्रत्...
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Sunday, May 25, 2014

लाल बुझक्कड बूझगे और न बूझो कोय!!

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पिछले पृष्ठ से क्रमश:  [झिरमघाटी नक्सली हमले पर एक संस्मरण] -----------  झिरमघाटी की निंदनीय तथा भयावह घटना को पूरा एक वर...

झिरम घाटी हमले की बरसी पर दैनिक पत्रिका (छ.ग) में टिप्पणी

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Sunday, May 18, 2014

बस्तर में इतिहास और नक्सलवाद का प्रवेशद्वार

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इतवारी अखबार मे प्रकाशित  -  -2- -3- -4-  बस्तर को बूझने की पहली कड़ी है उसकी प्राणदायिनी सरिता इन्द्रावती। यह असा...
Saturday, March 22, 2014

नाग हैं शहीद गेंदसिंह की विरासत के पहरेदार।

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बात सितरम गाँव की है जिसके निकट एक पहाड़ी टीले पर बस्तर की एक चर्चित प्राचीन परलकोट जमींदारी का किला अवस्थित था। यह स्थान वीर गेन्दसिंह...
Tuesday, March 04, 2014

बस्तर समस्या का एक समाधान कृषि भी है

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- पिछले पृष्ठ से आगे -  बस्तर के गजट की तरह लिखी गयी किताब “बस्तर भूषण” (प्रकाशन वर्ष - 1908) में पं. केदारनाथ ठाकुर ने तत्का...

मेरे उपन्यास "ढोलकल" पर दंतेवाड़ा में विमर्श

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राजीव रंजन प्रसाद
बचेली (दंतेवाडा), छत्तीसगढ), India
स्वयं से अपरिचित हूँ, अपनी तलाश जारी है.
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