सफर - राजीव रंजन प्रसाद

Sunday, May 25, 2014

लाल बुझक्कड बूझगे और न बूझो कोय!!

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पिछले पृष्ठ से क्रमश:  [झिरमघाटी नक्सली हमले पर एक संस्मरण] -----------  झिरमघाटी की निंदनीय तथा भयावह घटना को पूरा एक वर...

झिरम घाटी हमले की बरसी पर दैनिक पत्रिका (छ.ग) में टिप्पणी

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Sunday, May 18, 2014

बस्तर में इतिहास और नक्सलवाद का प्रवेशद्वार

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इतवारी अखबार मे प्रकाशित  -  -2- -3- -4-  बस्तर को बूझने की पहली कड़ी है उसकी प्राणदायिनी सरिता इन्द्रावती। यह असा...
Saturday, March 22, 2014

नाग हैं शहीद गेंदसिंह की विरासत के पहरेदार।

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बात सितरम गाँव की है जिसके निकट एक पहाड़ी टीले पर बस्तर की एक चर्चित प्राचीन परलकोट जमींदारी का किला अवस्थित था। यह स्थान वीर गेन्दसिंह...
Tuesday, March 04, 2014

बस्तर समस्या का एक समाधान कृषि भी है

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- पिछले पृष्ठ से आगे -  बस्तर के गजट की तरह लिखी गयी किताब “बस्तर भूषण” (प्रकाशन वर्ष - 1908) में पं. केदारनाथ ठाकुर ने तत्का...

मेरे उपन्यास "ढोलकल" पर दंतेवाड़ा में विमर्श

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विश्व पुस्तक मेले में आमचो बस्तर पर चर्चा

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आमंत्रण पत्र का प्रारूप
Wednesday, January 29, 2014

अभिव्यक्ति के लिये नक्सलगढ में दुस्साहस भरी पदयात्रा

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छब्बीस जनवरी का दिन जब राजपथ पर एक ओर जनजातीय क्रांति का सबसे बड़ा प्रतीक बस्तरिया नायक गुण्डाधुर उतरा हुआ था वहीं ओरछा के इस छोर पर छत्...
1 comment:
Tuesday, January 28, 2014

राजपथ पर गुण्डाधुर

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पिछले पृष्ठ से आगे...  राजपथ पर गुण्डाधुर को देखना कोई साधारण घटना नहीं थी। भव्य गणतंत्र दिवस समारोह में महामहिम राष्ट्रपति सला...
Friday, January 17, 2014

बस्तर की जीवंत संस्कृति का हिस्सा है - श्रृंगार

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सुड़ी (चूड़ी) तो ले ले नूनी (लड़की)/ तीन तीन पएँसा (पैसा) चार चार आना/ सुड़ी तो ले ले नूनी/ री रेलो रेलाय रेलाय रे रेलो रे रे लोय। मधुर गीत...
Friday, January 10, 2014

बस्तर: कुछ समाधान विज्ञान के पास भी हैं

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पिछले पृष्ठ से आगे- [समेकित विकास की अवधारणा के लिये धारण क्षमता अध्ययन आवश्यक] ----------  समस्याओं की बात बहुत हो गयी ह...
Thursday, December 19, 2013

बस्तर के लोकजीवन में रचा बसा नशा

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अक्टूबर 2012 की बात है। भाई अशोक कुमार नाग के साथ उनके गाँव गया था। वहाँ से आदिवासी जीवन की कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ मैने एकत्रित की। य...
Thursday, December 12, 2013

बस्तर में वामपंथ की अवस्थिति पर एक बहस

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बहस तो आवश्यक है किंतु वामपंथी नेता संजय पराते ने इसे व्यक्तिगत बना दिया। तथापि; मैं मूल आलेख जिसपर यह बहस आधारित है; उस आलेख पर संजय पर...
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राजीव रंजन प्रसाद
बचेली (दंतेवाडा), छत्तीसगढ), India
स्वयं से अपरिचित हूँ, अपनी तलाश जारी है.
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